तीसरे चरण में गड़बड़ी के कारण भटका निर्धारित मार्ग से, उड़ान पथ में हो गया विचलन
Delhi Desk : भारत को अपने पीएसएलवी-सी62 मिशन (PSLV-C62 Mission) में बड़ा झटका लगा है। इस मिशन के माध्यम से भारत अंतरिक्ष में जासूसी उपग्रह भेजने का प्रयास कर रहा था, लेकिन प्रक्षेपण के तीसरे चरण में यह मिशन विफल हो गया। अब ISRO ने डेटा का विश्लेषण शुरू कर दिया है।
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बता दें कि अंतरिक्ष में जासूसी उपग्रह भेजने का भारत का बहुत ही महत्वाकांक्षी प्रयास सोमवार को विफल हो गया। इसको लेकर इसरो के प्रमुख वी नारायणन ने एक अहम घोषणा की है। सोमवार सुबह में ही PSLV C62 यानी ईओएस-एन1 मिशन का प्रक्षेपण हुआ था।
PSLV-C62 Mission News
सभी ग्राउंड स्टेशन से एकत्र होगा डेटा
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रक्षेपण के बाद PSLV-C62 रॉकेट अपने निर्धारित मार्ग से भटक गया। इस कारण यह मिशन पूर्व निर्धारित मार्ग से आगे नहीं बढ़ सका। अब इसरो सभी ग्राउंड स्टेशनों से डेटा इकट्ठा कर पूरी प्रक्रिया का विश्लेषण करने जा रहा है। अगर यह मिशन पूरा हो जाता, तो यह अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में भारत की एक बड़ी उपलब्धि होती।
सोमवार सुबह 10 बजकर 18 मिनट के अपने पूर्व निर्धारित समय पर 44.4 मीटर लंबा चार चरणों वाला पीएसएलवी-सी62 रॉकेट यहां प्रक्षेपण केंद्र से रवाना हुआ। प्रक्षेपण के मात्र 17 मिनट की यात्रा के बाद उपग्रहों को लगभग 511 किलोमीटर की ऊंचाई पर सूर्य की समकालिक कक्षा में स्थापित किए जाने की उम्मीद थी।
What Is PSLV-C62 Mission
पहले दो चरणों में सबकुछ रहा था ठीक
इसरो के अनुसार, इस मिशन के पहले दो चरणों ने अपेक्षित मापदंडों के अनुसार बेहतरीन प्रदर्शन किया। लेकिन तीसरे चरण (पीएस3) के अंत में यान को परेशानी का अनुभव हुआ। इसके बाद रॉकेट से मिलने वाले डेटा में देरी होने लगी। इसी दौरान मिशन के विफल की आशंका प्रबल हो गई।
मिशन नियंत्रण केंद्र में टीम को संबोधित करते हुए इसरो प्रमुख वी नारायणन ने कहा कि पीएसएलवी एक चार चरणों वाला वाहन है, जिसमें दो ठोस चरण और दो तरल चरण हैं। तीसरे चरण के अंत तक वाहन का प्रदर्शन अपेक्षित था। तीसरे चरण के अंत के करीब हमने वाहन में अधिक गड़बड़ी देखी और बाद में उड़ान पथ में विचलन देखा गया।
PSLV-C62 Mission India
डेटा का विस्तृत विश्लेषण शुरू
इसरो प्रमुख वी नारायणन ने कहा कि हम डेटा का विश्लेषण कर रहे हैं और जल्द से जल्द आपको आगे की जानकारी देंगे। यह मिशन भारत का एक बहुत ही महत्वाकांक्षी मिशन था। इसे लॉन्च करने के बाद मिशन ने अपने पहले दो चरण सफलतापूर्वक पूरे कर लिए थे।
इसरो की ओर से एक्स पर की गई एक पोस्ट में बताया गया कि पीएसएलवी-सी62 मिशन को पीएस3 (तीसरे चरण) के अंत के दौरान एक विसंगति का सामना करना पड़ा। इस पूरे मामले का एक विस्तृत विश्लेषण शुरू किया गया है। यह मिशन वर्ष का पहला प्रक्षेपण था, जो इसरो की वाणिज्यिक शाखा न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड को मिले अनुबंध का हिस्सा था।
PSLV-C62 Mission And ISRO
इस मिशन से क्या होता हासिल
बता दें कि पीएसएलवी-सी62 मिशन के तहत पृथ्वी अवलोकन उपग्रह ईओएस-एन1 और 14 अन्य पेलोड को अंतरिक्ष में स्थापित किया जाना था। इसरो की वाणिज्यिक शाखा न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) के इस मिशन में शामिल 14 अन्य उपग्रह देशी और विदेशी ग्राहकों के थे। यह पीएसएलवी की 64वीं उड़ान थी। इसरो ने बताया था कि पृथ्वी अवलोकन उपग्रह का निर्माण थाईलैंड और ब्रिटेन ने संयुक्त रूप से किया था।
पूरा मिशन प्रक्षेपण के बाद दो घंटे से अधिक समय तक चला। मुख्य पेलोड पृथ्वी अवलोकन उपग्रह 13 अन्य उपग्रहों के साथ पिगीबैक मोड में उड़ान भरा। इन उपग्रहों को प्रक्षेपण के लगभग 17 मिनट बाद निर्धारित सूर्य-समकालिक कक्षा में स्थापित किया जाना था। इसरो ने बताया कि पीएसएलवी अब तक 63 उड़ानें पूरी कर चुका है, जिनमें महत्वाकांक्षी ‘चंद्रयान-1’, ‘मंगल ऑर्बिटर मिशन’ (मॉम) और ‘आदित्य-एल1’ मिशन शामिल हैं।
-विशेष खबर ब्यूरो
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